यूँ ही भटकते रहते हैं अरमान तुझसे मिलने के, न ये दिल ठहरता है न तेरा इंतज़ार रुकता है

नींद से क्या शिकवा जो आती नहीं, कसूर तो उस चेहरे का है जो सोने नहीं देता !

बेशक मोहब्बत ना कर पर बात तो कर, तेरा यु खामोश रहना बड़ी तकलीफ देता है..

उनको लगी खरोंच का पता पुरे शहर को है, हमारे गहरे जख्म की कहीं चर्चा तक नहीं !!

कितनी जल्दी फैसला कर लिया जाने का, एक मौका भी नहीं दिया मनाने का

खुश तो वो रहते हैं जो जिस्मो से खेलते हैं, रूह से मोहब्बत करने वालो को अक्सर तड़पते देखा है

वो मेरी मोहब्बत है, और मैं सिर्फ उसकी एक आदत !

कितना भी मुश्किल क्यूँ न हो सफ़र जिंदगी का, मोहब्बत का साथ मिले तो आसानी से कट जाता है !

बस तेरी कामि है ए मौत, दिल वो ले गयी जान तू ले जा..

दिल धोखे में है और धोखेबाज़ दिल में

नसीब का सब खेल है वरना मोहब्बत तो हम भी दीवाने की तरह किये थे.

यूँ ही कितनी आसानी से पलट जाते है कुछ लोग