"प्रतिशोध और न्याय के बीच का अंतर ही धर्म है|"

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जगत पालनहार है माँ, मुक्ति का धाम है माँ, हमारी भक्ति का आधार है माँ, सबकी रक्षा की अवतार है माँ, शुभ नवरात्रि

कर्म भूमि की दुनिया में श्रम सभी को करना है भगवान सिर्फ लकीरें देता है रंग हमें ही भरना है | जय श्री कृष्णा

नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥

सुबह का आरंभ हरि के चरणों में नमन के साथ करें जय श्री कृष्णा

॥ जय अम्बे गौरी ॥

गायत्र्येव परो विष्णुर्गात्र्येव परः शिवः ।गायत्र्येव परो ब्रह्मा गायत्र्येव त्रयी ततः ॥

जगत पालनहार है माँ, मुक्ति का धाम है माँ, हमारी भक्ति का आधार है माँ, सबकी रक्षा की अवतार है माँ, शुभ नवरात्रि

कर्म भूमि की दुनिया में श्रम सभी को करना है भगवान सिर्फ लकीरें देता है रंग हमें ही भरना है | जय श्री कृष्णा

नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥

सुबह का आरंभ हरि के चरणों में नमन के साथ करें जय श्री कृष्णा

॥ जय अम्बे गौरी ॥

गायत्र्येव परो विष्णुर्गात्र्येव परः शिवः ।गायत्र्येव परो ब्रह्मा गायत्र्येव त्रयी ततः ॥