समन्दर की तरह है हमारी पहचान ऊपर से खामोश और अंदर से तूफान

समन्दर की तरह है हमारी पहचान ऊपर से खामोश और अंदर से तूफान

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मिज़ाज ठंडा रखिए जनाब गर्म तो हमें सिर्फ चाय पसंद है

बदलना कौन चाहता है जनाब यहाँ लोग मजबूर कर देते है बदलने के लिए

तू मोहब्बत थी इसलिए तुझे भाव दिया, वरना इग्नोर करने में मैंने पीएचडी की है

ख्वाब टूटे हैं मगर हौसले जिंदा है, हम वह है जहां मुश्किलें शर्मिंदा हैं

हम मुश्किल वक़्त मैं भी मुस्कुराते है क्योंकि हम मुश्किलो से हारते नहीं उन्हें हराते है

सिर्फ पापा का प्यार सच्चा होता है पापा की परियों का नहीं

मिज़ाज ठंडा रखिए जनाब गर्म तो हमें सिर्फ चाय पसंद है

बदलना कौन चाहता है जनाब यहाँ लोग मजबूर कर देते है बदलने के लिए

तू मोहब्बत थी इसलिए तुझे भाव दिया, वरना इग्नोर करने में मैंने पीएचडी की है

ख्वाब टूटे हैं मगर हौसले जिंदा है, हम वह है जहां मुश्किलें शर्मिंदा हैं

हम मुश्किल वक़्त मैं भी मुस्कुराते है क्योंकि हम मुश्किलो से हारते नहीं उन्हें हराते है

सिर्फ पापा का प्यार सच्चा होता है पापा की परियों का नहीं