समन्दर की तरह है हमारी पहचान ऊपर से खामोश और अंदर से तूफान

समन्दर की तरह है हमारी पहचान ऊपर से खामोश और अंदर से तूफान

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मस्त रेहता हूं अपनी मस्ती मैं, जाता नहीं मतलबी लोगो की बस्ती मैं

हमारी खामोशी को हमारा घमंड ना समझो बस कुछ ठोकरे ऐसी लगी है कि बोलने को मन नहीं करता.

घायल हु पर याद रखना घायल शेर की साँसे उसकी दहाड़ से भी ज़ादा खतरनाक होती है

ब्लॉक कर दे मुझको वरना प्यार हो जायेगा तुझको

औकात की बात मत कर ऐ दोस्त तेरी बंदूक से ज़ादा लोग हमारे नाम से डरते है

जिसे आज मुजमे हजार एब नजर आते हे , कभी वही लोग हमारी गलती पे भी ताली बजाते थे

मस्त रेहता हूं अपनी मस्ती मैं, जाता नहीं मतलबी लोगो की बस्ती मैं

हमारी खामोशी को हमारा घमंड ना समझो बस कुछ ठोकरे ऐसी लगी है कि बोलने को मन नहीं करता.

घायल हु पर याद रखना घायल शेर की साँसे उसकी दहाड़ से भी ज़ादा खतरनाक होती है

ब्लॉक कर दे मुझको वरना प्यार हो जायेगा तुझको

औकात की बात मत कर ऐ दोस्त तेरी बंदूक से ज़ादा लोग हमारे नाम से डरते है

जिसे आज मुजमे हजार एब नजर आते हे , कभी वही लोग हमारी गलती पे भी ताली बजाते थे