जो इंसान खुद और खुद के सपने के बारे में नहीं सोचता, वो दरअसल सोचता ही नही हैं.

जो इंसान खुद और खुद के सपने के बारे में नहीं सोचता, वो दरअसल सोचता ही नही हैं.

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इतना भी आसान नहीं होता अपनी जिन्दगी को जी पाना, बहुत लोगों को खटकने लगते हैं जब हम खुद को जीने लगते हैं’।

मरने वाले आदमी के लिए रोने वाले हजारों मिल जाएंगे, मगर जो आदमी जिन्दा है उसे समझने वाला कोई भी नही मिलेगा।

क्या पता था कि मोहब्बत ही हो जाएगी, हमें तो बस तुम्हारा मुस्कुराना अच्छा लगा था

कसूर किसी का भी हो मगर, आसूँ हमेशा बेक़सूर के ही निकलते हैं

अहसास ही बदल जाते है बस और कुछ नहीं होता, महोब्बत और नफरत एक ही दिल से होती है।

इन आँखों को जब तेरा दीदार हो जाता है दिन कोई भी हो मेरा त्यौहार हो जाता है.

इतना भी आसान नहीं होता अपनी जिन्दगी को जी पाना, बहुत लोगों को खटकने लगते हैं जब हम खुद को जीने लगते हैं’।

मरने वाले आदमी के लिए रोने वाले हजारों मिल जाएंगे, मगर जो आदमी जिन्दा है उसे समझने वाला कोई भी नही मिलेगा।

क्या पता था कि मोहब्बत ही हो जाएगी, हमें तो बस तुम्हारा मुस्कुराना अच्छा लगा था

कसूर किसी का भी हो मगर, आसूँ हमेशा बेक़सूर के ही निकलते हैं

अहसास ही बदल जाते है बस और कुछ नहीं होता, महोब्बत और नफरत एक ही दिल से होती है।

इन आँखों को जब तेरा दीदार हो जाता है दिन कोई भी हो मेरा त्यौहार हो जाता है.