प्यार करता हु इसलिए फ़िक्र करता हूँ, नफरत करुगा तो जिक्र भी नही करुगा

प्यार करता हु इसलिए फ़िक्र करता हूँ, नफरत करुगा तो जिक्र भी नही करुगा

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हमारे सामने ज्यादा हीरो बनाने की कोशिश भी मत करना क्योंकि हम तालियों से ज्यादा गालियों से स्वागत करते है

वो दौर ही बीत गया जब सब कुछ लुटा कर हम तुम्हे पाना चाहते थे, अब तुम मुफत में भी मिलो तो भी कबूल नहीं हो !

किनारा न मिले तो कोई बात नहीं दुसरो को डुबाके मुझे तैरना नहीं है |

रब देकर भी आजमाता है और ले कर भी .

औकात में रखना था जिसे, गलती से दिल में रख लिया उसे |

शेर घायल है मगर दहाड़ना नहीं भूला एक बार में सौ को पछड़ना नहीं भूला

हमारे सामने ज्यादा हीरो बनाने की कोशिश भी मत करना क्योंकि हम तालियों से ज्यादा गालियों से स्वागत करते है

वो दौर ही बीत गया जब सब कुछ लुटा कर हम तुम्हे पाना चाहते थे, अब तुम मुफत में भी मिलो तो भी कबूल नहीं हो !

किनारा न मिले तो कोई बात नहीं दुसरो को डुबाके मुझे तैरना नहीं है |

रब देकर भी आजमाता है और ले कर भी .

औकात में रखना था जिसे, गलती से दिल में रख लिया उसे |

शेर घायल है मगर दहाड़ना नहीं भूला एक बार में सौ को पछड़ना नहीं भूला