लोगो से डरना छोड़ दो इज़्ज़त खुदा देता है लोग नहीं
अगर आपका आसमान वाले से मजबूत रिश्ता है, तो आपका जमीन वाले कुछ नही बिगाड़ सकतें हैं...
पत्थर सा बदनाम हूँ साहब, अपने शहर में आईना कहीं भी टूटे नाम मेरा ही आता है
जैसी DP वैसा मैं !!
जो मज़ा अपनी पहचान बनाने मे है.. वो किसी और की परछाई बनने मे कहा..!
क्यो ना गुरूर करू मै अपने आप पे….मुझे उसने चाहा जिसके चाहने वाले हजारो थे!
लोगो से डरना छोड़ दो इज़्ज़त खुदा देता है लोग नहीं
अगर आपका आसमान वाले से मजबूत रिश्ता है, तो आपका जमीन वाले कुछ नही बिगाड़ सकतें हैं...
पत्थर सा बदनाम हूँ साहब, अपने शहर में आईना कहीं भी टूटे नाम मेरा ही आता है
जैसी DP वैसा मैं !!
जो मज़ा अपनी पहचान बनाने मे है.. वो किसी और की परछाई बनने मे कहा..!
क्यो ना गुरूर करू मै अपने आप पे….मुझे उसने चाहा जिसके चाहने वाले हजारो थे!