तुमने ना सुनी धडकन हमारी पर हमने महसूस की सांस तुम्हारी

तुमने ना सुनी धडकन हमारी पर हमने महसूस की सांस तुम्हारी

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मोहब्बत भी ठंड जैसी है, लग जाये तो बीमार कर देती है

कहेते है इश्क ऐक गुनाह है जिसकी शरुआत दो बेगुनाहो से होती है.

कहतें हैं कि मोहबत एक बार होती है..पर मैं जब जब उसे देखता हूँ..मुझे हर बार होती है॥

मोहब्बत ज़िंदगी बदल देती है, मिल जाए तो भी ना मिले तो भी

जानते हो मोहब्बत किसे कहते हैं किसी को दिल से चाहना उसे हार जाना और फिर खामोश रहना

कभी फुर्सत मिले तो सोचना जरूर, एक लापरवाह लड़का क्यों तेरी परवाह करता था !

मोहब्बत भी ठंड जैसी है, लग जाये तो बीमार कर देती है

कहेते है इश्क ऐक गुनाह है जिसकी शरुआत दो बेगुनाहो से होती है.

कहतें हैं कि मोहबत एक बार होती है..पर मैं जब जब उसे देखता हूँ..मुझे हर बार होती है॥

मोहब्बत ज़िंदगी बदल देती है, मिल जाए तो भी ना मिले तो भी

जानते हो मोहब्बत किसे कहते हैं किसी को दिल से चाहना उसे हार जाना और फिर खामोश रहना

कभी फुर्सत मिले तो सोचना जरूर, एक लापरवाह लड़का क्यों तेरी परवाह करता था !