इन आंखों की गुस्ताखी तो देखिए, तुम से आंखें मिलाने के बाद कुछ और देखने को राजी ही नहीं .

इन आंखों की गुस्ताखी तो देखिए, तुम से आंखें मिलाने के बाद कुछ और देखने को राजी ही नहीं .

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मोहब्बत भी ठंड जैसी है, लग जाये तो बीमार कर देती है

मत पूछ मेरे जागने की वजह, ए चाँद तेरा ही हमशक्ल है जो मुझे सोने नही देता....?

तुम्हें देखना और देखते रहना बड़ा अच्छा लगता है

नजर चाहती है दीदार करना, दिल चाहता है तुम्हें प्यार करना...

तेरी मुहब्बत पर मेरा हक तो नही पर दिल चाहता है आखरी सास तक तेरा इंतजार करू

हर पल बस फिकर सी होती है जब मोहब्बत किसी सी बेपनाह होती है

मोहब्बत भी ठंड जैसी है, लग जाये तो बीमार कर देती है

मत पूछ मेरे जागने की वजह, ए चाँद तेरा ही हमशक्ल है जो मुझे सोने नही देता....?

तुम्हें देखना और देखते रहना बड़ा अच्छा लगता है

नजर चाहती है दीदार करना, दिल चाहता है तुम्हें प्यार करना...

तेरी मुहब्बत पर मेरा हक तो नही पर दिल चाहता है आखरी सास तक तेरा इंतजार करू

हर पल बस फिकर सी होती है जब मोहब्बत किसी सी बेपनाह होती है