दिल मेरे सीने से चुरा रहा है कोई, दूर होकर भी याद आ रहा है कोई, हे खुदा मुझे उससे एक बार मिलादे, इंतज़ार मेरे लिए कर रहा है कोई !

दिल मेरे सीने से चुरा रहा है कोई, दूर होकर भी याद आ रहा है कोई, हे खुदा मुझे उससे एक बार मिलादे, इंतज़ार मेरे लिए कर रहा है कोई !

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सच कहूँ आज पहली दफा लगा की दूरियाँ बड़ी ज़ालिम हैं

नए लोग से आज कुछ तो सीखा हे, पहले अपने जैसा बनाते हे फिर अकेला छोड़ देते है...

गुल्लक की तरह था रिश्ता हमारा जब टूटा तब कीमत समझ में आई

सारी दुनिया के रुठ जाने से मुझे कोई दुख नहीं, बस एक तेरा खामोश रहना मुझे तकलीफ देता है.

वो रो रो कर कहती रही, मुझे नफरत है तुमसे, मगर एक सवाल आज भी परेशान किये हुए है की अगर इतनी नफरत ही थी तो, वो रोई क्यों

जान लेने पे तुले हे दोनो मेरी..इश्क हार नही मानता..दिल बात नही मानता।

सच कहूँ आज पहली दफा लगा की दूरियाँ बड़ी ज़ालिम हैं

नए लोग से आज कुछ तो सीखा हे, पहले अपने जैसा बनाते हे फिर अकेला छोड़ देते है...

गुल्लक की तरह था रिश्ता हमारा जब टूटा तब कीमत समझ में आई

सारी दुनिया के रुठ जाने से मुझे कोई दुख नहीं, बस एक तेरा खामोश रहना मुझे तकलीफ देता है.

वो रो रो कर कहती रही, मुझे नफरत है तुमसे, मगर एक सवाल आज भी परेशान किये हुए है की अगर इतनी नफरत ही थी तो, वो रोई क्यों

जान लेने पे तुले हे दोनो मेरी..इश्क हार नही मानता..दिल बात नही मानता।