जो प्यार नहीं सच्चा उसे भूल जाना ही अच्छा
बहुत जल्दी भरोसा कर रहे हो, कभी पहले टूटा नहीं क्या?
बात वफाओं की होती तो कभी न हारते, बात नीसब की थी, कुछ ना कर सके |
क्या औकात है तेरी ए ज़िंदगी.. चार दिन की मोहब्बत तुझे बरबाद कर देती है..
किसी को इतना IGNORE मत करो की वह तुम्हारे बिना जीना सिख जाए
एक सवाल था तुझसे क्या तुझे सच मैं प्यार था मुझसे.
जो प्यार नहीं सच्चा उसे भूल जाना ही अच्छा
बहुत जल्दी भरोसा कर रहे हो, कभी पहले टूटा नहीं क्या?
बात वफाओं की होती तो कभी न हारते, बात नीसब की थी, कुछ ना कर सके |
क्या औकात है तेरी ए ज़िंदगी.. चार दिन की मोहब्बत तुझे बरबाद कर देती है..
किसी को इतना IGNORE मत करो की वह तुम्हारे बिना जीना सिख जाए
एक सवाल था तुझसे क्या तुझे सच मैं प्यार था मुझसे.