कल जितनी हसरत थी तुझे पाने की आज उतनी हसरत है तुझे भूल जाने की

कल जितनी हसरत थी तुझे पाने की आज उतनी हसरत है तुझे भूल जाने की

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बात वफाओं की होती तो कभी न हारते, बात नीसब की थी, कुछ ना कर सके |

ये पतंग भी बिल्कुल तुम्हारी तरह निकली जरा सी हवा क्या लग गई हवा में उडने लगी

"हमने ‪‎दिल‬ वापस ‪‎मांगा‬ तो वो सर झुका कर ‪बोली‬, वो तो ‪टूट‬ गया ‪‎खेलते‬ खेलते.."

सच को तमीज़ ही नहीं बात करने की, झूठ को देखो, कितना मीठा बोलता है....

बडा गजब कीरदार है मोहब्बत का, अधूरी हो सकती है पर ख़त्म नहीं....

अगर आंसुओं की कीमत होती तो कल रात वाला तकिया अरबों का होता

बात वफाओं की होती तो कभी न हारते, बात नीसब की थी, कुछ ना कर सके |

ये पतंग भी बिल्कुल तुम्हारी तरह निकली जरा सी हवा क्या लग गई हवा में उडने लगी

"हमने ‪‎दिल‬ वापस ‪‎मांगा‬ तो वो सर झुका कर ‪बोली‬, वो तो ‪टूट‬ गया ‪‎खेलते‬ खेलते.."

सच को तमीज़ ही नहीं बात करने की, झूठ को देखो, कितना मीठा बोलता है....

बडा गजब कीरदार है मोहब्बत का, अधूरी हो सकती है पर ख़त्म नहीं....

अगर आंसुओं की कीमत होती तो कल रात वाला तकिया अरबों का होता