हम रोज़ उदास होते हैं और रात गुज़र जाती है एक दिन रात उदास होगी और हम गुज़र जाएंगे
तेरी नाराज़गी वाजिब है दोस्त.. मैं भी खुद से खुश नहीं हूं आजकल...
कुछ लोग आए थे मेरा दुख बाँटने मैं जब खुश हुआ तो खफा होकर चल दिये
उदास हूँ पर तुझसे नाराज़ नहीं तेरे दिल मे हूँ पर तेरे पास नहीं वैसे तो सब कुछ आ मेरे पास पर तेरे जैसा कोई खास नहीं
शर्मिंदा करते हो रोज, हाल हमारा पूँछ कर, हाल हमारा वही है जो तुमने बना रखा है…
नाकाम मोहबत्त भी बड़े काम की होती है, दिल मिले ना मिले इलज़ाम जरुर मिल जाता है।।
हम रोज़ उदास होते हैं और रात गुज़र जाती है एक दिन रात उदास होगी और हम गुज़र जाएंगे
तेरी नाराज़गी वाजिब है दोस्त.. मैं भी खुद से खुश नहीं हूं आजकल...
कुछ लोग आए थे मेरा दुख बाँटने मैं जब खुश हुआ तो खफा होकर चल दिये
उदास हूँ पर तुझसे नाराज़ नहीं तेरे दिल मे हूँ पर तेरे पास नहीं वैसे तो सब कुछ आ मेरे पास पर तेरे जैसा कोई खास नहीं
शर्मिंदा करते हो रोज, हाल हमारा पूँछ कर, हाल हमारा वही है जो तुमने बना रखा है…
नाकाम मोहबत्त भी बड़े काम की होती है, दिल मिले ना मिले इलज़ाम जरुर मिल जाता है।।