ग़म इस बात का नहीं की आप मिल न सकेंगे, दर्द इस बात का है की हम आपको भुला न सकेंगे
तुमसे गुस्सा होकर भी तुम्हे ही ढूंढा करता हूँ
"हमने दिल वापस मांगा तो वो सर झुका कर बोली, वो तो टूट गया खेलते खेलते.."
जान तक देने की बात करते हैं यह लोग सच कहु तो दिल से दुआ भी नहीं करते
खुदा जाने कोनसा गुनाह कर बैठे हैं हम कि तम्मनाओं वाली उम्र में तजुर्बे मिल रहे हैं
बडा गजब कीरदार है मोहब्बत का, अधूरी हो सकती है पर ख़त्म नहीं....
ग़म इस बात का नहीं की आप मिल न सकेंगे, दर्द इस बात का है की हम आपको भुला न सकेंगे
तुमसे गुस्सा होकर भी तुम्हे ही ढूंढा करता हूँ
"हमने दिल वापस मांगा तो वो सर झुका कर बोली, वो तो टूट गया खेलते खेलते.."
जान तक देने की बात करते हैं यह लोग सच कहु तो दिल से दुआ भी नहीं करते
खुदा जाने कोनसा गुनाह कर बैठे हैं हम कि तम्मनाओं वाली उम्र में तजुर्बे मिल रहे हैं
बडा गजब कीरदार है मोहब्बत का, अधूरी हो सकती है पर ख़त्म नहीं....