एक खेल रत्न उसको भी दे दो, बड़ा अच्छा खेलती है वो दिल से
कभी कभी हम किसी के लिए उतना जरूरी भी नहीं होते जितना हम सोच लेते है .
गजब है मेरे दिल में तेरा वजूद. मै खुद से दूर तू मुझमें मौजूद...
क्या इतने दूर निकल आये हैं हम, कि तेरे ख्यालों में भी नही आते ?
तेरी तो फितरत ही थी सभी से मोहब्बत करने की, हम तो बेवजह ही खुद को खुशनसीब समझने लगे थे.
कोई हमारा भी था, कल की ही बात है.
एक खेल रत्न उसको भी दे दो, बड़ा अच्छा खेलती है वो दिल से
कभी कभी हम किसी के लिए उतना जरूरी भी नहीं होते जितना हम सोच लेते है .
गजब है मेरे दिल में तेरा वजूद. मै खुद से दूर तू मुझमें मौजूद...
क्या इतने दूर निकल आये हैं हम, कि तेरे ख्यालों में भी नही आते ?
तेरी तो फितरत ही थी सभी से मोहब्बत करने की, हम तो बेवजह ही खुद को खुशनसीब समझने लगे थे.
कोई हमारा भी था, कल की ही बात है.