"मेरी आँखों की नमी ना जान पाया वो शख्स, एक अरसे तक जो इन आँखों में ही रहा था...!"
शक तो था मोहब्बत में नुक़सान होगा, पर सारा हमारा ही होगा ये मालूम न था
प्यार तो अमीरो से होता है हम गरीबो सा तो मजाक होता है
फिलहाल तोह यूँ है कुछ कर नहीं सकते, तेरे बिन ही मरना होगा साथ मर नहीं सकते, सूखे से पत्ते हैं एक टहनी पे लगे, किस्मत तोह देखो के झाड़ नहीं सकते, फिलहाल तोह यूँ है कुछ कर नहीं सकते.
बुरा लगता है हर बार किसी को अपनी याद दिलाना जिन में वफ़ा होती है खुद ही याद कर लेते हैं
जो प्यार नहीं सच्चा उसे भूल जाना ही अच्छा
"मेरी आँखों की नमी ना जान पाया वो शख्स, एक अरसे तक जो इन आँखों में ही रहा था...!"
शक तो था मोहब्बत में नुक़सान होगा, पर सारा हमारा ही होगा ये मालूम न था
प्यार तो अमीरो से होता है हम गरीबो सा तो मजाक होता है
फिलहाल तोह यूँ है कुछ कर नहीं सकते, तेरे बिन ही मरना होगा साथ मर नहीं सकते, सूखे से पत्ते हैं एक टहनी पे लगे, किस्मत तोह देखो के झाड़ नहीं सकते, फिलहाल तोह यूँ है कुछ कर नहीं सकते.
बुरा लगता है हर बार किसी को अपनी याद दिलाना जिन में वफ़ा होती है खुद ही याद कर लेते हैं
जो प्यार नहीं सच्चा उसे भूल जाना ही अच्छा