सुधरी हे तो बस मेरी आदते वरना मेरे शौक, वो तो आज भी तेरी औकात से ऊँचे हैं…!!!

सुधरी हे तो बस मेरी आदते वरना मेरे शौक, वो तो आज भी तेरी औकात से ऊँचे हैं…!!!

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संसार में मुश्किल कार्यो में से एक हैं क्रोध पर विजय पाना…

"क्रोध से धनि व्यक्ति घृणा और निर्धन तिरस्कार का पात्र होता है |"

क्रोध व्यक्ति का वह चारित्रिक दोष हैं जो अक्सर बने बनाये काम को बिगाड़ देता हैं…

क्रोध को पाले रखना गर्म कोयले को किसी और पर फेंकने की नीयत से पकडे रहने के सामान है; इसमें आप ही जलते हैं.

भगवान गौतम बुद्ध

"क्रोध एक प्रकार का क्षणिक पागलपन है।"

महात्मा गाँधी

क्रोध मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु हैं जो इस शत्रु को अपने नियंत्रण में रखता हैं उसके जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती हैं…

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भगवान गौतम बुद्ध

"क्रोध एक प्रकार का क्षणिक पागलपन है।"

महात्मा गाँधी

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