STATUS और PIC मत देख PAGLI ज़ाके KITAB पड़ PYAAR होने से अच्छा PASS हो ज़ाएगी.
मत पूछना मेरी शख्सियत के बारे में हम जैसे दिखते है वैसे ही लिखते है …!
प्यार करता हु इसलिए फ़िक्र करता हूँ, नफरत करुगा तो जिक्र भी नही करुगा
"जो मन की पीड़ा को स्पष्ट रूप में नहीं कह सकता, उसी को क्रोध अधिक आता है |"
क्रोध एक तरह का पागलपन है.
क्रोध से भ्रम पैदा होता हैं, भ्रम से बुद्धि व्यग्र होती हैं… जब बुद्धि व्यग्र होती है तब तर्क नष्ट हो जाता हैं… जब तर्क नष्ट होता हैं तब व्यक्ति का पतन हो जाता हैं…
STATUS और PIC मत देख PAGLI ज़ाके KITAB पड़ PYAAR होने से अच्छा PASS हो ज़ाएगी.
मत पूछना मेरी शख्सियत के बारे में हम जैसे दिखते है वैसे ही लिखते है …!
प्यार करता हु इसलिए फ़िक्र करता हूँ, नफरत करुगा तो जिक्र भी नही करुगा
"जो मन की पीड़ा को स्पष्ट रूप में नहीं कह सकता, उसी को क्रोध अधिक आता है |"
क्रोध एक तरह का पागलपन है.
क्रोध से भ्रम पैदा होता हैं, भ्रम से बुद्धि व्यग्र होती हैं… जब बुद्धि व्यग्र होती है तब तर्क नष्ट हो जाता हैं… जब तर्क नष्ट होता हैं तब व्यक्ति का पतन हो जाता हैं…