"सुबह से शाम तक काम करके आदमी उतना नहीं थकता जितना क्रोध या चिंता से पल भर में थक जाता है।"
हर एक मिनट जिसमे आप क्रोधित रहते हैं, आप ६० सेकेण्ड की मन की शांति खोते हैं.
हम तो बेज़ान चीज़ों से भी वफ़ा करते हैं, तुझमे तो फिर भी मेरी जान बसी है।
वो मेरी न हुई तो ईसमेँ हैरत की कोई बात नहीँ, क्योँकि शेर से दिल लगाये बकरी की ईतनी औकात नही।
सुधरी हे तो बस मेरी आदते वरना मेरे शौक, वो तो आज भी तेरी औकात से ऊँचे हैं…!!!
"ईर्ष्या और क्रोध से जीवन क्षय होता है।"
"सुबह से शाम तक काम करके आदमी उतना नहीं थकता जितना क्रोध या चिंता से पल भर में थक जाता है।"
हर एक मिनट जिसमे आप क्रोधित रहते हैं, आप ६० सेकेण्ड की मन की शांति खोते हैं.
हम तो बेज़ान चीज़ों से भी वफ़ा करते हैं, तुझमे तो फिर भी मेरी जान बसी है।
वो मेरी न हुई तो ईसमेँ हैरत की कोई बात नहीँ, क्योँकि शेर से दिल लगाये बकरी की ईतनी औकात नही।
सुधरी हे तो बस मेरी आदते वरना मेरे शौक, वो तो आज भी तेरी औकात से ऊँचे हैं…!!!
"ईर्ष्या और क्रोध से जीवन क्षय होता है।"