क्रोध एक तरह का पागलपन है.

क्रोध एक तरह का पागलपन है.

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देख मेरे जुते भी तेरी नियत से ज्यादा साफ़ है।

क्रोध वह तूफ़ान हैं जो ज्ञान के दीपक को बुझा देता हैं…

मजा चख लेने दो उसे गेरो की मोहबत का भी, इतनी चाहत के बाद जो मेरा न हुआ वो ओरो का क्या होगा।

जिनकी नज़रों में हम अच्छे नही, वो अपनी आँखो का इलाज करवाये.

"जो मनुष्य क्रोधी पर क्रोध नहीं करता और क्षमा करता है वह अपनी और क्रोध करनेवाले की महासंकट से रक्षा करता है।"

वेदव्यास

क्रोध को पाले रखना गर्म कोयले को किसी और पर फेंकने की नीयत से पकडे रहने के सामान है; इसमें आप ही जलते हैं.

भगवान गौतम बुद्ध

देख मेरे जुते भी तेरी नियत से ज्यादा साफ़ है।

क्रोध वह तूफ़ान हैं जो ज्ञान के दीपक को बुझा देता हैं…

मजा चख लेने दो उसे गेरो की मोहबत का भी, इतनी चाहत के बाद जो मेरा न हुआ वो ओरो का क्या होगा।

जिनकी नज़रों में हम अच्छे नही, वो अपनी आँखो का इलाज करवाये.

"जो मनुष्य क्रोधी पर क्रोध नहीं करता और क्षमा करता है वह अपनी और क्रोध करनेवाले की महासंकट से रक्षा करता है।"

वेदव्यास

क्रोध को पाले रखना गर्म कोयले को किसी और पर फेंकने की नीयत से पकडे रहने के सामान है; इसमें आप ही जलते हैं.

भगवान गौतम बुद्ध