हारने वालो का भी अपना रुतबा होता हैं … मलाल वो करे जो दौड़ में शामिल नही थे..
देख मेरे जुते भी तेरी नियत से ज्यादा साफ़ है।
क्रोध मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु हैं जो इस शत्रु को अपने नियंत्रण में रखता हैं उसके जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती हैं…
"क्रोध में हो तो बोलने से पहले दस तक गिनो, अगर ज़्यादा क्रोध में तो सौ तक।"
"ईर्ष्या और क्रोध से जीवन क्षय होता है।"
सपने हमेशा बडे रखो दोस्तो सोच तो लोगों की छोटी है..
हारने वालो का भी अपना रुतबा होता हैं … मलाल वो करे जो दौड़ में शामिल नही थे..
देख मेरे जुते भी तेरी नियत से ज्यादा साफ़ है।
क्रोध मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु हैं जो इस शत्रु को अपने नियंत्रण में रखता हैं उसके जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती हैं…
"क्रोध में हो तो बोलने से पहले दस तक गिनो, अगर ज़्यादा क्रोध में तो सौ तक।"
"ईर्ष्या और क्रोध से जीवन क्षय होता है।"
सपने हमेशा बडे रखो दोस्तो सोच तो लोगों की छोटी है..