हिचकियो से इस बात का एहसास होता है शायद हमे भी कोई कहीं याद करता है बेशक मुलाक़ात नहीं होती मगर कुछ लम्हे हम पर बरबाद तो करता है
ऐ जिंदगी ख़त्म कर अब ये तमासा♫ मैं थक गया हूँ दिल को तसल्लियाँ देते देते
जिंदगी में कुछ ऐसे लोग भी मिलते हैं, जिन्हें हम पा नही सकते सिर्फ चाह सकते हैं।
तेरी दुनिया का यह दस्तूर भी अजीब है ए खुदा, मोहब्बत उनको मिलती है, जिन्हें करनी नहीं आती.
दिल मेरा कूछ टूटा हुआ सा है, उससे कूछ रुठा हुआ सा है.
जिसको आज मुझमें हज़ारों गलतियां नज़र आती है, कभी उसी ने कहा था “तुम” जैसे भी हो…मेरे हो…।
हिचकियो से इस बात का एहसास होता है शायद हमे भी कोई कहीं याद करता है बेशक मुलाक़ात नहीं होती मगर कुछ लम्हे हम पर बरबाद तो करता है
ऐ जिंदगी ख़त्म कर अब ये तमासा♫ मैं थक गया हूँ दिल को तसल्लियाँ देते देते
जिंदगी में कुछ ऐसे लोग भी मिलते हैं, जिन्हें हम पा नही सकते सिर्फ चाह सकते हैं।
तेरी दुनिया का यह दस्तूर भी अजीब है ए खुदा, मोहब्बत उनको मिलती है, जिन्हें करनी नहीं आती.
दिल मेरा कूछ टूटा हुआ सा है, उससे कूछ रुठा हुआ सा है.
जिसको आज मुझमें हज़ारों गलतियां नज़र आती है, कभी उसी ने कहा था “तुम” जैसे भी हो…मेरे हो…।