हम चीज़ो उस तरह से नहीं देखते, जिस तरह से वे है, बल्कि हम चीज़ों को उस तरह से देखते है जिस तरह के हम है|

हम चीज़ो उस तरह से नहीं देखते, जिस तरह से वे है, बल्कि हम चीज़ों को उस तरह से देखते है जिस तरह के हम है|

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कोई किसी को सिखा नही सकता जब खुद में इच्छा जागती है तभी कोई सिख पाता है

ईश्वर ने एक पेड़ के दो पत्ते भी एक जैसे नहीं बनाएं हैं!! हर एक की अपनी मौलिकता है दूसरों से ईर्ष्या रखकर आगे बढ़ने के बजाय अपनी मौलिकता खोजें इसी में असली आनंद और समाधान है

पैसा जीवन मे उतना ही जरूरी है कि खुद को मांगना ना पड़े और जो मांगे उसको देने से मना न कर सको

तकलीफ़े भी अच्छी है..

किसी भी व्यक्ति को ज्यादा सुधारना चाहोगे तो वो आपका दुश्मन बन जायेगा

समझदार वही है जो फूँक-फूँक कर कदम रखे, पानी को छानकर पिए, शास्त्रानुसार वाक्य बोले और सोच-विचार कर कर्म करे. इस तरह किए गए कार्य में सफलता अवश्य मिलती है .

कोई किसी को सिखा नही सकता जब खुद में इच्छा जागती है तभी कोई सिख पाता है

ईश्वर ने एक पेड़ के दो पत्ते भी एक जैसे नहीं बनाएं हैं!! हर एक की अपनी मौलिकता है दूसरों से ईर्ष्या रखकर आगे बढ़ने के बजाय अपनी मौलिकता खोजें इसी में असली आनंद और समाधान है

पैसा जीवन मे उतना ही जरूरी है कि खुद को मांगना ना पड़े और जो मांगे उसको देने से मना न कर सको

तकलीफ़े भी अच्छी है..

किसी भी व्यक्ति को ज्यादा सुधारना चाहोगे तो वो आपका दुश्मन बन जायेगा

समझदार वही है जो फूँक-फूँक कर कदम रखे, पानी को छानकर पिए, शास्त्रानुसार वाक्य बोले और सोच-विचार कर कर्म करे. इस तरह किए गए कार्य में सफलता अवश्य मिलती है .