मंजिले बड़े जिद्दी होती है| हासिल कहाँ नसीब से होती है| मगर वहाँ तूफान भी हार जाते है| जहाँ कश्तिया जिद्द पर होती है|

मंजिले बड़े जिद्दी होती है| हासिल कहाँ नसीब से होती है| मगर वहाँ तूफान भी हार जाते है| जहाँ कश्तिया जिद्द पर होती है|

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वक्त, ख्वाहिशें और सपने हाथ में बंधी घड़ी की तरह होते हैं जिसे हम उतार कर रख भी दें तो भी चलती रहती है

जीवन मैं एक बार जो फैसला कर लो तो फिर पीछे मुड़कर मत देखना क्योंकि पलट कर देखने वाले इतिहास नहीं बनाते

जहाँ दूसरों को समझाना मुश्किल हो जाये, वहाँ खुद को समझा लेना ही बेहतर होता है

जिदंगी मे कभी भी किसी को बेकार मत समझना,क्योक़ि बंद पडी घडी भी दिन में दो बार सही समय बताती है।

डॉ० एपीजे अब्दुल कलाम

मौन रहना अच्छा है परन्तु अन्याय हो तब नही

जैसे आपके दोस्त होंगे वैसा ही आपका भविष्य बनेगा

वक्त, ख्वाहिशें और सपने हाथ में बंधी घड़ी की तरह होते हैं जिसे हम उतार कर रख भी दें तो भी चलती रहती है

जीवन मैं एक बार जो फैसला कर लो तो फिर पीछे मुड़कर मत देखना क्योंकि पलट कर देखने वाले इतिहास नहीं बनाते

जहाँ दूसरों को समझाना मुश्किल हो जाये, वहाँ खुद को समझा लेना ही बेहतर होता है

जिदंगी मे कभी भी किसी को बेकार मत समझना,क्योक़ि बंद पडी घडी भी दिन में दो बार सही समय बताती है।

डॉ० एपीजे अब्दुल कलाम

मौन रहना अच्छा है परन्तु अन्याय हो तब नही

जैसे आपके दोस्त होंगे वैसा ही आपका भविष्य बनेगा