मंजिले बड़े जिद्दी होती है| हासिल कहाँ नसीब से होती है| मगर वहाँ तूफान भी हार जाते है| जहाँ कश्तिया जिद्द पर होती है|

मंजिले बड़े जिद्दी होती है| हासिल कहाँ नसीब से होती है| मगर वहाँ तूफान भी हार जाते है| जहाँ कश्तिया जिद्द पर होती है|

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भीड़ में सभी लोग अच्छे नहीं होते और अच्छे लोगों की कभी भीड़ नहीं होती

कहीं मिलेगी प्रशंसा तो, कहीं नाराजगीयो का बहाव मिलेगा कहीं मिलेगी दुआ तो, कहीं भावनाओ में दुर्भाव मिलेगा तू चलाचल राही अपने कर्मपथ पे जैसा तेरा भाव वैसा प्रभाव मिलेगा

अगर कोई पसंद आ जाए तो दूसरों से नहीं पूछना चाहिए वो कैसा है

यह महत्पूर्ण नही की आप सफल है या नही महत्पूर्ण यह है कि आप उतने सफल हुए या नही जितनी आपके भीतर क्षमता थी

आपकी इज्जत तब होती है जब आपके पास कुछ ऐसा होता है जो सबके पास नहीं होता .

कामयाब होने के लिए कई बार हमें जो है उसी में शुरुआत कर लेनी होती है, भले तैयारी पूरी ना हो क्योंकि यह इंतजार करने से काफी बेहतर है।

भीड़ में सभी लोग अच्छे नहीं होते और अच्छे लोगों की कभी भीड़ नहीं होती

कहीं मिलेगी प्रशंसा तो, कहीं नाराजगीयो का बहाव मिलेगा कहीं मिलेगी दुआ तो, कहीं भावनाओ में दुर्भाव मिलेगा तू चलाचल राही अपने कर्मपथ पे जैसा तेरा भाव वैसा प्रभाव मिलेगा

अगर कोई पसंद आ जाए तो दूसरों से नहीं पूछना चाहिए वो कैसा है

यह महत्पूर्ण नही की आप सफल है या नही महत्पूर्ण यह है कि आप उतने सफल हुए या नही जितनी आपके भीतर क्षमता थी

आपकी इज्जत तब होती है जब आपके पास कुछ ऐसा होता है जो सबके पास नहीं होता .

कामयाब होने के लिए कई बार हमें जो है उसी में शुरुआत कर लेनी होती है, भले तैयारी पूरी ना हो क्योंकि यह इंतजार करने से काफी बेहतर है।