संसार जरुरत के नियम पर चलता है| सर्दियों मैं जिस सूरज का इंतज़ार होता है, उसी सूरज का गर्मियों मैं भी तिरस्कार भी होता है| आप की किंमत तब होगी जब आपकी जरुरत होगी|

संसार जरुरत के नियम पर चलता है| सर्दियों मैं जिस सूरज का इंतज़ार होता है, उसी सूरज का गर्मियों मैं भी तिरस्कार भी होता है| आप की किंमत तब होगी जब आपकी जरुरत होगी|

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हम तो आईना हैं और आईना ही रहेंगे, फ़िक्र वो करे जिनकी शक्लें ख़राब है।

इज्जत किसी इंसान की नहीं होती हैं, ज़रूरत की होती हैं. ज़रूरत खत्म तो इज्जत खत्म

बुरे दिनो का एक अच्छा फायदा अच्छे-अच्छे दोस्त परखे जाते है।

यदि आपके मन में संतोष नहीं है तो दुनिया की कोई भी चीज आपको खुश नहीं कर सकती है.

वक़्त की ताक़त तुम क्या समझोगे ये उसका भी हो जाता है जिसका कोई नहीं होता।

"ज़िन्दगी गुज़र जाती है ये ढूँढने में कि, ढूंढना क्या है अंत में तलाश सिमट जाती है इस सुकून में कि, जो मिला वो भी कहाँ साथ लेकर जाना है "

हम तो आईना हैं और आईना ही रहेंगे, फ़िक्र वो करे जिनकी शक्लें ख़राब है।

इज्जत किसी इंसान की नहीं होती हैं, ज़रूरत की होती हैं. ज़रूरत खत्म तो इज्जत खत्म

बुरे दिनो का एक अच्छा फायदा अच्छे-अच्छे दोस्त परखे जाते है।

यदि आपके मन में संतोष नहीं है तो दुनिया की कोई भी चीज आपको खुश नहीं कर सकती है.

वक़्त की ताक़त तुम क्या समझोगे ये उसका भी हो जाता है जिसका कोई नहीं होता।

"ज़िन्दगी गुज़र जाती है ये ढूँढने में कि, ढूंढना क्या है अंत में तलाश सिमट जाती है इस सुकून में कि, जो मिला वो भी कहाँ साथ लेकर जाना है "