संसार जरुरत के नियम पर चलता है| सर्दियों मैं जिस सूरज का इंतज़ार होता है, उसी सूरज का गर्मियों मैं भी तिरस्कार भी होता है| आप की किंमत तब होगी जब आपकी जरुरत होगी|

संसार जरुरत के नियम पर चलता है| सर्दियों मैं जिस सूरज का इंतज़ार होता है, उसी सूरज का गर्मियों मैं भी तिरस्कार भी होता है| आप की किंमत तब होगी जब आपकी जरुरत होगी|

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यदि आपके मन में संतोष नहीं है तो दुनिया की कोई भी चीज आपको खुश नहीं कर सकती है.

#तारीफ खुद की करना #फ़िज़ूल है, खुशबू बता देती# है कौन सा फूल है |

"व्यक्तित्व" की भी अपनी वाणी होती है, जो "कलम"' या "जीभ" के इस्तेमाल के बिना भी, लोगों के "अंर्तमन" को छू जाती है..

कुछ बातो से अंजान रहना ही अच्छा है......! कभी कभी सब कुछ जान लेना भी तकलीफ़ देता है......!

जो व्यस्त है आज वो कल भी व्यस्त ही रहेंगे पर तुम जिन्हे आज काम का नहीं समझ रहे देख लेना कल वही तुम्हारे काम नहीं आएँगे।

जब वक़्त बुरा हो तो कोई हाल नहीं पूछता, पर जब अच्छा हो तो लोग वक़्त भी तुम ही से पूछते हैं।

यदि आपके मन में संतोष नहीं है तो दुनिया की कोई भी चीज आपको खुश नहीं कर सकती है.

#तारीफ खुद की करना #फ़िज़ूल है, खुशबू बता देती# है कौन सा फूल है |

"व्यक्तित्व" की भी अपनी वाणी होती है, जो "कलम"' या "जीभ" के इस्तेमाल के बिना भी, लोगों के "अंर्तमन" को छू जाती है..

कुछ बातो से अंजान रहना ही अच्छा है......! कभी कभी सब कुछ जान लेना भी तकलीफ़ देता है......!

जो व्यस्त है आज वो कल भी व्यस्त ही रहेंगे पर तुम जिन्हे आज काम का नहीं समझ रहे देख लेना कल वही तुम्हारे काम नहीं आएँगे।

जब वक़्त बुरा हो तो कोई हाल नहीं पूछता, पर जब अच्छा हो तो लोग वक़्त भी तुम ही से पूछते हैं।