अपने पसीने का आनंद उठाइए क्योंकि कठिन परिश्रम सफलता की गारंटी नहीं देता पर उसके बिना कोई चांस ही नहीं है.

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"ज़िन्दगी" में कभी किसी "बुरे दिन" से सामना हो जाये तो इतना "हौसला" जरूर रखना "दिन" बुरा था "ज़िन्दगी" नहीं

मनुष्य रूप, यौवन और मदिरा में खोकर अपने आप को ही भूल जाता है, लेकिन जब उसे होश आता है तो नरक का द्वार उसके सामने होता है. अर्थात सूरा-सुंदरी का सुख मनुष्य को नरक के अतिरिक्त कुछ नहीं दे सकता. इससे बचना ही श्रेयस्कर है.

ख्वाहिश भले ही छोटी सी हो, लेकिन उसे पूरा करने की जिद होनी चाहिये

सफल जीवन के चार सुत्र मेहनत करे तो धन बने सब्र करे तो काम मीठा बोले तो पहचान बने और इज्जत करे तो नाम,

अहंकार में डूबे इंसान को न तो खुद की गलतियां दिखाई देती है ना ही दुसरो की अच्छी बातें

चीजें खुद नहीं होतीं, उन्हें करना पड़ता है

"ज़िन्दगी" में कभी किसी "बुरे दिन" से सामना हो जाये तो इतना "हौसला" जरूर रखना "दिन" बुरा था "ज़िन्दगी" नहीं

मनुष्य रूप, यौवन और मदिरा में खोकर अपने आप को ही भूल जाता है, लेकिन जब उसे होश आता है तो नरक का द्वार उसके सामने होता है. अर्थात सूरा-सुंदरी का सुख मनुष्य को नरक के अतिरिक्त कुछ नहीं दे सकता. इससे बचना ही श्रेयस्कर है.

ख्वाहिश भले ही छोटी सी हो, लेकिन उसे पूरा करने की जिद होनी चाहिये

सफल जीवन के चार सुत्र मेहनत करे तो धन बने सब्र करे तो काम मीठा बोले तो पहचान बने और इज्जत करे तो नाम,

अहंकार में डूबे इंसान को न तो खुद की गलतियां दिखाई देती है ना ही दुसरो की अच्छी बातें

चीजें खुद नहीं होतीं, उन्हें करना पड़ता है