ये जो ज़िन्दगी है ना. तेरे बिन अधूरी है

ये जो ज़िन्दगी है ना. तेरे बिन अधूरी है

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आरज़ू होनी चाहिए किसी को याद करने की, लम्हें तो अपने आप ही मिल जाते हैं।

सफर में कही तो दगा खा गए हम जहाँ से चले थे वही आ गए हम

बड़ी कश्मोकश है इन दिनो ज़िन्दगी में...किसी को ढूंढते फिर रहे हैं हर किसी में....

जिसके हो नहीं सकते उसी के हो रहे हैं हम...

तुम भुला दो मुझे ये तुम्हारी अपनी हिम्मत है मगर मुझसे ये उम्मीद ज़िंदगी भर मत रखना

"अकेले कैसे रहा जाता है, कुछ लोग यही सिखाने हमारी जिंदगी मे आते है

आरज़ू होनी चाहिए किसी को याद करने की, लम्हें तो अपने आप ही मिल जाते हैं।

सफर में कही तो दगा खा गए हम जहाँ से चले थे वही आ गए हम

बड़ी कश्मोकश है इन दिनो ज़िन्दगी में...किसी को ढूंढते फिर रहे हैं हर किसी में....

जिसके हो नहीं सकते उसी के हो रहे हैं हम...

तुम भुला दो मुझे ये तुम्हारी अपनी हिम्मत है मगर मुझसे ये उम्मीद ज़िंदगी भर मत रखना

"अकेले कैसे रहा जाता है, कुछ लोग यही सिखाने हमारी जिंदगी मे आते है