चलो बिखरने देते है जिंदगी को सँभालने की भी हद होती है

चलो बिखरने देते है जिंदगी को सँभालने की भी हद होती है

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आज परछाई से पूछ ही लिया, क्यों चलते हो.. मेरे साथ..उसने भी हंसके कहा, और कौन है...तेरे साथ !!

हम ना पा सके तुझे मुदतो के चाहने के बाद, ओर किसी ने अपना बना लिया तुझे चंद रसमे निभाने के बाद !!

दर्द सिर का हो या दिल का..दोनों बहुत बुरे होते है

मै तब भी अकेला नहीं था, नहीं आज भी हु, तब यारो का काफिला था, आज यादो का कांरवा है

याद तो रोज करते है उन्हें, पर उन्होने कभी महसूस ही न किया.. ?

प्यार करना हर किसी के बस की बात नहीं जिगर चाहिए अपनी ही खुशियां बर्बाद करने के लिए

आज परछाई से पूछ ही लिया, क्यों चलते हो.. मेरे साथ..उसने भी हंसके कहा, और कौन है...तेरे साथ !!

हम ना पा सके तुझे मुदतो के चाहने के बाद, ओर किसी ने अपना बना लिया तुझे चंद रसमे निभाने के बाद !!

दर्द सिर का हो या दिल का..दोनों बहुत बुरे होते है

मै तब भी अकेला नहीं था, नहीं आज भी हु, तब यारो का काफिला था, आज यादो का कांरवा है

याद तो रोज करते है उन्हें, पर उन्होने कभी महसूस ही न किया.. ?

प्यार करना हर किसी के बस की बात नहीं जिगर चाहिए अपनी ही खुशियां बर्बाद करने के लिए