खुशीयां तो कब से रूठ गई हैं मुझसे, काश इन गमों को भी कीसी की नजर लग जाये ।

खुशीयां तो कब से रूठ गई हैं मुझसे, काश इन गमों को भी कीसी की नजर लग जाये ।

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किस_किस बात का गिला करें इस बेवफा जमाने मे, किसी ने दोस्ती छोडी, किसी ने दिल तोड़ा, किसी ने वादे तोड़े और, किसी ने तनहा छोड़ा !!!

एक नफरत ही हैं जिसे दुनिया चंद लम्हों में जान लेती हैं…वरना चाहत का यकीन दिलाने में तो जिन्दगी बीत जाती हैं।

मेरी कोशीश हमेशा ही नाकाम रही पहले तूझे पाने की और अब तुझे भुलाने की

जिनको जाना होता है वो चले ही जाते है किसी के रोने से उनको कोई फर्क नहीं पड़ता

एक सफर जहां फिरसे सब 'शून्य' से शुरू करना होगा।

दिल तो करता हैं की रूठ जाऊँ कभी बच्चों की तरह फिर सोचता हूँ कि मनाएगा कौन….?

किस_किस बात का गिला करें इस बेवफा जमाने मे, किसी ने दोस्ती छोडी, किसी ने दिल तोड़ा, किसी ने वादे तोड़े और, किसी ने तनहा छोड़ा !!!

एक नफरत ही हैं जिसे दुनिया चंद लम्हों में जान लेती हैं…वरना चाहत का यकीन दिलाने में तो जिन्दगी बीत जाती हैं।

मेरी कोशीश हमेशा ही नाकाम रही पहले तूझे पाने की और अब तुझे भुलाने की

जिनको जाना होता है वो चले ही जाते है किसी के रोने से उनको कोई फर्क नहीं पड़ता

एक सफर जहां फिरसे सब 'शून्य' से शुरू करना होगा।

दिल तो करता हैं की रूठ जाऊँ कभी बच्चों की तरह फिर सोचता हूँ कि मनाएगा कौन….?