दो पल भी नहीं गुज़रते तुम्हारे बिन, ये ज़िन्दगी ना जाने कैसे गुज़ारेंगे!
लाख तेरे चाहने वाले होंगे मगर तुझे महसूस सिर्फ मैंने किया है
मुझे "परखने " में पूरी ज़िन्दगी लगा दी उसने काश कुछ वक़्त "समझने" में लगाया होता
बहुत उदास हे कोई तेरे जाने से हो सके तो लौट आ किसी बहाने से, तू लाख खफा सही मगर एक बार तो देख , कोइ टूट गया है तेरे रूठ जाने से।
हम ना पा सके तुझे मुदतो के चाहने के बाद, ओर किसी ने अपना बना लिया तुझे चंद रसमे निभाने के बाद !!
कोन कहता है कि आसुयो मे वजन नहीं होता, एक भी छलक जाता है तो मन हल्का हो जाता है ...
दो पल भी नहीं गुज़रते तुम्हारे बिन, ये ज़िन्दगी ना जाने कैसे गुज़ारेंगे!
लाख तेरे चाहने वाले होंगे मगर तुझे महसूस सिर्फ मैंने किया है
मुझे "परखने " में पूरी ज़िन्दगी लगा दी उसने काश कुछ वक़्त "समझने" में लगाया होता
बहुत उदास हे कोई तेरे जाने से हो सके तो लौट आ किसी बहाने से, तू लाख खफा सही मगर एक बार तो देख , कोइ टूट गया है तेरे रूठ जाने से।
हम ना पा सके तुझे मुदतो के चाहने के बाद, ओर किसी ने अपना बना लिया तुझे चंद रसमे निभाने के बाद !!
कोन कहता है कि आसुयो मे वजन नहीं होता, एक भी छलक जाता है तो मन हल्का हो जाता है ...