गाँव का छोरा, शहर का टशन।

देसी स्वाग, हमारी पहचान।

एटीट्यूड - इट्स इन माय डीएनए।

खुद को साबित करने की जरूरत नहीं, मेरी सक्सेस ही काफी है।

मुझे फर्क नहीं पड़ता कि दुनिया क्या सोचती है।

मैं आग हूँ, जला के राख कर दूँगी।

पर्दे में रहने दो, वरना होश उड़ जाएंगे।

नफरत करना मेरी फितरत नहीं, पर भूलना भी मेरी आदत नहीं।

कम बोलो, ज्यादा करो - यही मेरा मंत्र है।

मेरी स्टाइल ही मेरी पहचान है।

मैं कांच जैसी हूँ, टकराओगे तो टूट जाओगे।

हुकूमत तो मेरी हर जगह है, बस तुम पहचान नहीं पाते।