मेरी कोशीश हमेशा ही नाकाम रही पहले तूझे पाने की और अब तुझे भुलाने की

दोबारा इश्क़ हुआ तो तुझसे हे होगा खफा हूँ मैं बेवफा नहीं

खुशीयां तो कब से रूठ गई हैं मुझसे, काश इन गमों को भी कीसी की नजर लग जाये ।

मोहबत के सफ़र में नींद ऐसी खो गई, हम न सोए रात थक कर सो गई..!

आरज़ू होनी चाहिए किसी को याद करने की, लम्हें तो अपने आप ही मिल जाते हैं।

आज भी एक सवाल छिपा है.. दिल के किसी कोने मैं.. की क्या कमी रह गई थी तेरा होने में.

जाने कैसे हो जाते हैं लोग कभी इसके कभी उसके और फिर किसी और के

अधूरी ख़्वाहिश बनकर न रह जाना तुम ....दुबारा आने का इरादा नहीँ रखते हैं हम !!

इश्क़ में इतनी बेपरवाहियाँ भी ठीक नही हैं, बात हम नही करते ...तो तकल्लुफ तुम भी नही करते...!!

मुझे किसी के बदल जाने का कोई गम नही बस कोई था जिससे ये उम्मीद नही थी

लाख तेरे चाहने वाले होंगे मगर तुझे महसूस सिर्फ मैंने किया है

तुमने कहा था आँख भर के देख लिया करो मुझे, मगर अब आँख भर आती है तुम नजर नही आते हो।