स्मार्ट हो आप तो बुरे हम भी नही, इंटेलिजेंट हो आप तो बुद्धू हम भी नही, दोस्ती करके कहते हो बिजी है हम……

मालुम है आप बहुत बिजी हो . . . . . . इस लिए कुछ नहीं लिखा वरना आपको पढ़ना पड़ता …

दुनिया कि सबसे अधिक अच्छी तीन आदतें हैं , प्रसन्न रहना, व्यस्त रहना, लोगों के साथ सदव्यवहार बनायें रखना……

इंसान कितना भी व्यस्त क्यों न हो….. अगर वो सच में आपकी इज्जत करता है तो….. वह हमेशा आप के लिए वक्त जरूर निकालेगा……..

अपने आपको किसी भी काम में व्यस्त रखें क्योंकि, व्यस्त इंसान को दुखी होने का वक़्त नहीं मिलता….

कहते हैं दोस्त बनाना ज़िन्दगी है, दोस्ती निभाना ज़िन्दगी है, कितने भी व्यस्त क्यों न रहो दिन भर, मगर एक पल मुस्कराना ही जिंदगी है …

खबर नहीं थी मुझे तेरे मशगूल होने की और हम बेवजह ही परेशान हो बैठे थे तेरी फ़िक्र में ….

घोंसला बनाने में हम यूँ मशगूल हो गए, की उड़ने को पंख भी थे..ये भी भूल गए ……

हम इतने व्यस्त, मतलबी और बेदिल हो चुके है की, बेवजह किसी से बात करना भी अजीब लगता है….

कहने को तो कई अपने थे मेरे , पर वो जरा व्यस्त थे अपनी दुनियां में , उनमे से कुछ ही थे जो समय निकल पाये, मेरे लिए मेरे बुरे समय में …..

आज इस दौर में, हसीं में छुपी मस्ती कहाँ, और लबो की मुस्कान इतनी सस्ती कहाँ…

में थोडा व्यस्त क्या हो गया, प्रेम का सूरज अस्त हो गया …..