जीवन में दिनों को जोड़ना कसरत नहीं कहते, बल्कि दिनों में जीवन जोड़ना ही कसरत है …

सुन रहा हैं ना तू रो रही ही हु में…

मज़िल पाना तो बहुत दूर की बात है, गरूर में रहोगे, तो रास्ते भी न देख पायोगे।

मैं इस वजह से #Successful नहीं हूँ.. कि कुछ लोगों को लगता है,.. कि मैं #Successful हूँमैं इस वजह से Successful हूँ… क्योंकि ..मुझे लगता है, कि मैं #Successful हूँ।

मंजिल चाहे कितनी भी उंची क्यो ना हो दोस्तो! रास्ते हमेशा पेरो के नीचे होते हे।

चलता रहूँगा पथ पर, चलने में माहीर हो जाऊँगा, या तो मंज़िल मिल जायेगी, या अच्छा मुसाफिर बन जाऊँगा ।

न भागना है, न रुकना है, बस चलते रहना है, चलते रहना है।

किसी भी काम में अगर आप अपना 100% देंगे… तो आप सफल हो जाएंगे।

शिखर तक पहुँचने के लिए ताकत चाहिए होती है, चाहे वो माउन्ट एवरेस्ट का शिखर हो या आपके पेशे का।

भरोसा खुद पर रखो तो ताकत बन जाती है… और दूसरों पर रखो तो कमजोरी बन जाती है।

डर मुझे भी लगा फांसला देख कर… पर मैं बढ़ता गया रास्ता देख कर… खुद ब खुद मेरे नज़दीक आती गई मेरी मंज़िल.. मेरा हौंसला देख कर।

ना संघर्ष न तकलीफ … तो क्या मज़ा है जीने में … बड़े बड़े तूफ़ान थम जाते हैं … जब आग लगी हो सीने में।