अपनी खराब आदतों पर जीत हासिल करने के समान जीवन में कोई और आनन्द नहीं होता है

मौन एक ऐसा तर्क है जिसका खण्डन कर पाना अत्यंत दुष्कर है

जो आपके शब्दों का "मूल्य" नहीं समझता उसके सामने मौन रहना ही बेहतर है.

कभी पीछे मुड़कर मत देखो क्योंकि जो छूट गया वो आपका था ही नही

अधिकांश सफल व्यक्ति जिन्हें मैं जानता हूं वे ऐसे व्यक्ति हैं जो बोलते कम और सुनते ज्यादा हैं

झूठ का भी अजीब 'जायका' है स्वयं बोलो तो मीठा' लगता है कोई और बोले तो 'कड़वा'

सच्चाई के रास्ते पर चलने में फायदा है क्योंकि इस रास्ते मे "भीड़ कम" मिलती है

बादशाह सिर्फ वक्त होता है, इन्सान तो यूँ ही गुरुर करता है

अगर ज़िन्दगी में सुकून चाहते तो Focus अपने काम पर करो लोगो की बातों पर नही

तब तक लड़ना मत छोड़ो जब तक अपनी तय की हुई जगह पर पहुंच ना जाओ

जिस दिन आपके सामने कोई समस्या ना आये-तो आप सुनिश्चित कर सकते है की आप गलत रास्ते मे यात्रा कर रहे है

यदि तुम अपनी ज़िंदगी अपने तरीके से नही जिओगे, तो लोग अपने तरीके तुम पर लाद देंगे