कोई अपना सा क्या लगा एक बार, किस्मत ने तो बुरा ही मान लिया

सिर्फ एक बहाने की तलाश होती है निभाने वाले को भी, और जाने वाले को भी

जवाब तो हर बात का दिया जा सकता है, मगर जो रिश्तो की अहमियत ना समझ पाया वह शब्दों को क्या समझेगा

कीमत दोनों की चुकनी पड़ती है, बोलने की भी और चुप रहने की भी ..!!

बात वफाओं की होती तो कभी न हारते, बात नीसब की थी, कुछ ना कर सके |

मायने खो देते हैं वो जवाब, जो वक्त पर नहीं मिलते !!

चेहरे तो मिल जाएगी हमसे भी खूबसूरत, पर बात दिल की आएगी ना तो हार जाओगे.

चेहरे अजनबी हो जाये तो कोई बात नही... लेकिन रवैये अजनबी हो जाये तो बडी तकलीफ देते हैं...

अपने रब के फैसले पर भला शक कैसे करुँ सजा दे रहा है अगर वो कुछ तो गुनाह रहा होगा..

नफरत मत करना हमसे, हमे बुरा लगेगा, बस प्यार से कह देना, अब तेरी जरूरत नहीं हैं .

खुदा जाने कोनसा गुनाह कर बैठे हैं हम कि तम्मनाओं वाली उम्र में तजुर्बे मिल रहे हैं

थक सा गया है मेरी चाहतों का वजूद, अब कोई अच्छा भी लगे तो इजहार नहीं करता.