रख लो दिल में सम्हाल कर थोड़ी सी याद मेरी....,रह जाओगे जब तन्हा तो हम बहुत काम आएँगे

कभी जिंदगी के धागे टूट जाए तो हमारे पास आना..हम हौसलों के दर्जी है मुफ्त में रफू करते हैं....|

युं ही हम दिल को साफ़ रखा करते थे…पता नही था की, ‘किमत चेहरों की होती है’ !

जान लेने पे तुले हे दोनो मेरी..इश्क हार नही मानता..दिल बात नही मानता।

रूठना तेरा लाज़मी था हर बार मनाने की आदत जो हमने डाली थी .

एक फ़क़ीर ने कहा था चिंता ना कर वो भी रोएगा जो आज तुझे रुला रहा है

हजारो मे मुझे सिर्फ एक वो सख्स चाहिए जो मेरी गैर मौजूदगी मे मेरी बुराई न सुन सके

एक दिन हम सब एक दूसरे को सिर्फ यह सोचकर खो देगे की वो मुझे याद नहीं करता तो मे क्यों करू .

जान ले लेता है वो एक छोटा सा पल भी, जब बेहिसाब प्यार के बाद वो कहे की हम कभी एक नहीं हो सकते..

जिस रात की कभी कोई सुबह नही होती हर रात उस रात का इंतेज़ार रहता है.......

दिमाग पर ज़ोर लगाकर गिनते हो गलतियां मेरी कभी दिल पर हाथ रख के पूछना कसूर किसका है

माफ़ी गलती की होती है, ज़िंदा लाश बनाने की नहीं