जब हमने स्कूल छोड़ा था तो ऐसा लगा जैसे खुशियों से नाता तोड़ा था.

जिन दोस्तों के एक दिन स्कूल ना आने पर एक लम्हा नहीं कटता था. आज उन्हीं दोस्तों के बिना कई साल बीत जाती हैं.

स्कूल तो ज्ञान का एक झरना है, जहाँ कुछ विद्यार्थी अपनी प्यास बुझाते हैं, कुछ एक दो घूँट पीते है और कुछ सिर्फ कुल्ला करते हैं

बहुत दिनों बाद स्कूल के सामने से निकला तो स्कूल ने पूछा : मुझसे तो तू बहुत परेशान था अब ये बता कि जिन्दगी के इम्तिहान कैसे चल रहे हैं?

वो जो स्कूल के दरवाजे खोलता है, जेल के दरवाजे बंद करता है.

बच्चों को स्कूल अच्छा नहीं लगता है परन्तु बच्चों के जीवन को स्कूल ही अच्छा बनाता हैं.