आवाज़ नहीं होती दिल टूटने की. लेकिन तकलीफ बहुत होती हैं.
समेट कर ले जाओ अपने झूठे वादों के अधूरे क़िस्से, अगली मोहब्बत में तुम्हें फिर इनकी ज़रूरत पड़ेगी
आज़ाद कर दिया हे हमने भी उस पंछी को …,जो हमारी दिल की कैद में रहने को तोहीन समजता था ..।
वो किसी की खातिर मुझे भूल भी गया तो कोई बात नहीं, हम भी तो भूल गये थे सारा ज़माना उस की खातिर
वो जो कल रात चैन से सोया हैं, उसको खबर भी नहीं कोई उसके लिए कितने रोया हैं..
कुछ सोचना चाहिए था उसे, हर सितम से पहले, मै सिर्फ दीवाना नहीं था, इन्सान भी था...
आवाज़ नहीं होती दिल टूटने की. लेकिन तकलीफ बहुत होती हैं.
समेट कर ले जाओ अपने झूठे वादों के अधूरे क़िस्से, अगली मोहब्बत में तुम्हें फिर इनकी ज़रूरत पड़ेगी
आज़ाद कर दिया हे हमने भी उस पंछी को …,जो हमारी दिल की कैद में रहने को तोहीन समजता था ..।
वो किसी की खातिर मुझे भूल भी गया तो कोई बात नहीं, हम भी तो भूल गये थे सारा ज़माना उस की खातिर
वो जो कल रात चैन से सोया हैं, उसको खबर भी नहीं कोई उसके लिए कितने रोया हैं..
कुछ सोचना चाहिए था उसे, हर सितम से पहले, मै सिर्फ दीवाना नहीं था, इन्सान भी था...