हमे नहीं आता दर्द का दिखावा करना बस अकेले रोते हैं और सो जाते हैं
"न कर मोहब्बत ये तेरे बस की बात नहीं, वो दिल मोहब्बत करते हैं जो तेरे पास नहीं!"
भुला दूंगा तुझे ज़रा सब्र तो कर, तेरी तरह मतलबी बनने में थोड़ा वक़्त तो लगेगा ही।
आवाज़ नहीं होती दिल टूटने की. लेकिन तकलीफ बहुत होती हैं.
उसे क्या फर्क पड़ता है बिछड़ने क्या, सच्ची मोहबत तो मेरी थी उसकी तो नही थी
बेवजह इंतज़ार
हमे नहीं आता दर्द का दिखावा करना बस अकेले रोते हैं और सो जाते हैं
"न कर मोहब्बत ये तेरे बस की बात नहीं, वो दिल मोहब्बत करते हैं जो तेरे पास नहीं!"
भुला दूंगा तुझे ज़रा सब्र तो कर, तेरी तरह मतलबी बनने में थोड़ा वक़्त तो लगेगा ही।
आवाज़ नहीं होती दिल टूटने की. लेकिन तकलीफ बहुत होती हैं.
उसे क्या फर्क पड़ता है बिछड़ने क्या, सच्ची मोहबत तो मेरी थी उसकी तो नही थी
बेवजह इंतज़ार