पता है तकलीफ क्या है किसी को चाहना फिर उसे खो देना और खामोश हो जाना

पता है तकलीफ क्या है किसी को चाहना फिर उसे खो देना और खामोश हो जाना

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वो जो कल रात चैन से सोया हैं, उसको खबर भी नहीं कोई उसके लिए कितने रोया हैं..

साथ छोडने वालो को तो बस.. ऐक बहाना चाहिए। वरना निभाने वाले तो मौत के दरवाझे तक साथ नही छोडते।

जब तेरी याद आती है ना आँखे तोह मान जाती है पर यह कम्बख्त दिल रो पड़ता है

हमे नहीं आता दर्द का दिखावा करना बस अकेले रोते हैं और सो जाते हैं

तेरी यादें हर रोज़ आ जाती है मेरे पास, लगता है तुमने बेवफ़ाई नही सिखाई इनको

ना चाँद अपना था और ना तू अपना था ...!! काश दिल भी मान लेता की सब सपना था

वो जो कल रात चैन से सोया हैं, उसको खबर भी नहीं कोई उसके लिए कितने रोया हैं..

साथ छोडने वालो को तो बस.. ऐक बहाना चाहिए। वरना निभाने वाले तो मौत के दरवाझे तक साथ नही छोडते।

जब तेरी याद आती है ना आँखे तोह मान जाती है पर यह कम्बख्त दिल रो पड़ता है

हमे नहीं आता दर्द का दिखावा करना बस अकेले रोते हैं और सो जाते हैं

तेरी यादें हर रोज़ आ जाती है मेरे पास, लगता है तुमने बेवफ़ाई नही सिखाई इनको

ना चाँद अपना था और ना तू अपना था ...!! काश दिल भी मान लेता की सब सपना था