जरा मुस्कुरा के देखो, दुनिया हँसती नजर आएगी
रब देकर भी आजमाता है और ले कर भी .
हा अमीर तो नहीं हूं में पर जमीर ऐसा है जिसकी कभी बोली नहीं लग सकती
आज कर लिया खुदसे ये वादा नहीं चाहेंगे किसीको उस्सकी औक़ात सी ज़्यादा.
ताउम्र बस एक यही सबक याद रखिए, इश्क और इबादत में नियत साफ रखिए
शायरी का बादशाह हुं और कलम मेरी रानी, अल्फाज़ मेरे गुलाम है, बाकी रब की महेरबानी
जरा मुस्कुरा के देखो, दुनिया हँसती नजर आएगी
रब देकर भी आजमाता है और ले कर भी .
हा अमीर तो नहीं हूं में पर जमीर ऐसा है जिसकी कभी बोली नहीं लग सकती
आज कर लिया खुदसे ये वादा नहीं चाहेंगे किसीको उस्सकी औक़ात सी ज़्यादा.
ताउम्र बस एक यही सबक याद रखिए, इश्क और इबादत में नियत साफ रखिए
शायरी का बादशाह हुं और कलम मेरी रानी, अल्फाज़ मेरे गुलाम है, बाकी रब की महेरबानी