किनारा न मिले तो कोई बात नहीं दुसरो को डुबाके मुझे तैरना नहीं है |
तजुर्बे उम्र से नहीं बल्कि हालातों से होते हैं
आज कर लिया खुदसे ये वादा नहीं चाहेंगे किसीको उस्सकी औक़ात सी ज़्यादा.
तुम्हारी अकड़ में कुछ इस तरह से तोडूंगा सच कहता हूँ कहीं का नही छोडूंगा
बदलना कौन चाहता है जनाब यहाँ लोग मजबूर कर देते है बदलने के लिए
दिल की ख़ामोशी पर मत जाओ, राख के नीचे आग दबी होती है ..
किनारा न मिले तो कोई बात नहीं दुसरो को डुबाके मुझे तैरना नहीं है |
तजुर्बे उम्र से नहीं बल्कि हालातों से होते हैं
आज कर लिया खुदसे ये वादा नहीं चाहेंगे किसीको उस्सकी औक़ात सी ज़्यादा.
तुम्हारी अकड़ में कुछ इस तरह से तोडूंगा सच कहता हूँ कहीं का नही छोडूंगा
बदलना कौन चाहता है जनाब यहाँ लोग मजबूर कर देते है बदलने के लिए
दिल की ख़ामोशी पर मत जाओ, राख के नीचे आग दबी होती है ..