जैसा दोगे वैसा ही पाओगे.. फ़िर चाहे इज्ज़त हो या धोखा..!!

जैसा दोगे वैसा ही पाओगे.. फ़िर चाहे इज्ज़त हो या धोखा..!!

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तुम सिर्फ मेरे हो अब इससे प्यार समझो या क़ब्ज़ा

मुझे समझना तेरे बस की बात नहीं सोच बुलंद कर या फिर सोचना छोड़ दें

हमारे जिँदगी की कहानी कूछ ऐसी है जिसमे Hero भी हम और Villain भी हम

हमको तोह सब ही पसंद करते है, अब क्या सबके हो जाए हम

में तो पहले से बदनाम हु तुम शरीफ लोग मेरा क्या उखाड़ लोगे

दोस्त को दौलत की निगाह से मत देखो , वफा करने वाले दोस्त अक्सर गरीब हुआ करते हैं

तुम सिर्फ मेरे हो अब इससे प्यार समझो या क़ब्ज़ा

मुझे समझना तेरे बस की बात नहीं सोच बुलंद कर या फिर सोचना छोड़ दें

हमारे जिँदगी की कहानी कूछ ऐसी है जिसमे Hero भी हम और Villain भी हम

हमको तोह सब ही पसंद करते है, अब क्या सबके हो जाए हम

में तो पहले से बदनाम हु तुम शरीफ लोग मेरा क्या उखाड़ लोगे

दोस्त को दौलत की निगाह से मत देखो , वफा करने वाले दोस्त अक्सर गरीब हुआ करते हैं