बच्चों को स्कूल अच्छा नहीं लगता है परन्तु बच्चों के जीवन को स्कूल ही अच्छा बनाता हैं.
जिन दोस्तों के एक दिन स्कूल ना आने पर एक लम्हा नहीं कटता था. आज उन्हीं दोस्तों के बिना कई साल बीत जाती हैं.
जिन्दगी का कोई रूल नहीं होता हैं जो माँ-बाप अपने बच्चे को सिखाते हैं उसे सिखाने का कोई स्कूल नहीं होता हैं.
जब हमने स्कूल छोड़ा था तो ऐसा लगा जैसे खुशियों से नाता तोड़ा था.
जब एक विद्यार्थी स्कूल जाता है तो उस स्कूल के महत्व को अच्छी तरह नहीं समझ पाता है परन्तु जब वह स्कूल की कीमत अच्छी तरह समझ जाता है तो फिर स्कूल नहीं जा पाता हैं.
एक माँ-बाप में एक स्कूल, एक अध्यापक, एक रक्षक और वो सारी चीजें छुपी होती है जो एक बच्चे की जिंदगी को बेहतर बनाने में मदत करती हैं.
बच्चों को स्कूल अच्छा नहीं लगता है परन्तु बच्चों के जीवन को स्कूल ही अच्छा बनाता हैं.
जिन दोस्तों के एक दिन स्कूल ना आने पर एक लम्हा नहीं कटता था. आज उन्हीं दोस्तों के बिना कई साल बीत जाती हैं.
जिन्दगी का कोई रूल नहीं होता हैं जो माँ-बाप अपने बच्चे को सिखाते हैं उसे सिखाने का कोई स्कूल नहीं होता हैं.
जब हमने स्कूल छोड़ा था तो ऐसा लगा जैसे खुशियों से नाता तोड़ा था.
जब एक विद्यार्थी स्कूल जाता है तो उस स्कूल के महत्व को अच्छी तरह नहीं समझ पाता है परन्तु जब वह स्कूल की कीमत अच्छी तरह समझ जाता है तो फिर स्कूल नहीं जा पाता हैं.
एक माँ-बाप में एक स्कूल, एक अध्यापक, एक रक्षक और वो सारी चीजें छुपी होती है जो एक बच्चे की जिंदगी को बेहतर बनाने में मदत करती हैं.