कॉलेज के दिन, दोस्तों के बिन अच्छे नहीं लगते हैं.

कॉलेज के दिन, दोस्तों के बिन अच्छे नहीं लगते हैं.

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स्कूल तो ज्ञान का एक झरना है, जहाँ कुछ विद्यार्थी अपनी प्यास बुझाते हैं, कुछ एक दो घूँट पीते है और कुछ सिर्फ कुल्ला करते हैं

जिन दोस्तों के एक दिन स्कूल ना आने पर एक लम्हा नहीं कटता था. आज उन्हीं दोस्तों के बिना कई साल बीत जाती हैं.

जब हमने स्कूल छोड़ा था तो ऐसा लगा जैसे खुशियों से नाता तोड़ा था.

जिन्दगी का कोई रूल नहीं होता हैं जो माँ-बाप अपने बच्चे को सिखाते हैं उसे सिखाने का कोई स्कूल नहीं होता हैं.

जब एक विद्यार्थी स्कूल जाता है तो उस स्कूल के महत्व को अच्छी तरह नहीं समझ पाता है परन्तु जब वह स्कूल की कीमत अच्छी तरह समझ जाता है तो फिर स्कूल नहीं जा पाता हैं.

स्कूल में बोले गये झूठ की कीमत पूरे जीवन चुकाना पड़ता हैं.

स्कूल तो ज्ञान का एक झरना है, जहाँ कुछ विद्यार्थी अपनी प्यास बुझाते हैं, कुछ एक दो घूँट पीते है और कुछ सिर्फ कुल्ला करते हैं

जिन दोस्तों के एक दिन स्कूल ना आने पर एक लम्हा नहीं कटता था. आज उन्हीं दोस्तों के बिना कई साल बीत जाती हैं.

जब हमने स्कूल छोड़ा था तो ऐसा लगा जैसे खुशियों से नाता तोड़ा था.

जिन्दगी का कोई रूल नहीं होता हैं जो माँ-बाप अपने बच्चे को सिखाते हैं उसे सिखाने का कोई स्कूल नहीं होता हैं.

जब एक विद्यार्थी स्कूल जाता है तो उस स्कूल के महत्व को अच्छी तरह नहीं समझ पाता है परन्तु जब वह स्कूल की कीमत अच्छी तरह समझ जाता है तो फिर स्कूल नहीं जा पाता हैं.

स्कूल में बोले गये झूठ की कीमत पूरे जीवन चुकाना पड़ता हैं.