कॉलेज के दिन, दोस्तों के बिन अच्छे नहीं लगते हैं.

कॉलेज के दिन, दोस्तों के बिन अच्छे नहीं लगते हैं.

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वो जो स्कूल के दरवाजे खोलता है, जेल के दरवाजे बंद करता है.

जब हमने स्कूल छोड़ा था तो ऐसा लगा जैसे खुशियों से नाता तोड़ा था.

स्कूल में पाठ पहले पढ़ाया जाता है और फिर परीक्षा ली जाती है जबकि जीवन में पहले परीक्षा होती है और फिर सबक सीखने को मिलता हैं.

एक इंसान को जो ज्ञान और अनुभव जिंदगी की चुनौतियाँ देती हैं, वो अनुभव वह व्यक्ति किसी स्कूल या विद्यालय में नहीं पा सकता हैं.

जब एक विद्यार्थी स्कूल जाता है तो उस स्कूल के महत्व को अच्छी तरह नहीं समझ पाता है परन्तु जब वह स्कूल की कीमत अच्छी तरह समझ जाता है तो फिर स्कूल नहीं जा पाता हैं.

अनुभव एक ऐसा स्कूल है जो सब कुछ सिखा देता हैं पर कीमत (फीस) बहुत ज्यादा लेता हैं.

वो जो स्कूल के दरवाजे खोलता है, जेल के दरवाजे बंद करता है.

जब हमने स्कूल छोड़ा था तो ऐसा लगा जैसे खुशियों से नाता तोड़ा था.

स्कूल में पाठ पहले पढ़ाया जाता है और फिर परीक्षा ली जाती है जबकि जीवन में पहले परीक्षा होती है और फिर सबक सीखने को मिलता हैं.

एक इंसान को जो ज्ञान और अनुभव जिंदगी की चुनौतियाँ देती हैं, वो अनुभव वह व्यक्ति किसी स्कूल या विद्यालय में नहीं पा सकता हैं.

जब एक विद्यार्थी स्कूल जाता है तो उस स्कूल के महत्व को अच्छी तरह नहीं समझ पाता है परन्तु जब वह स्कूल की कीमत अच्छी तरह समझ जाता है तो फिर स्कूल नहीं जा पाता हैं.

अनुभव एक ऐसा स्कूल है जो सब कुछ सिखा देता हैं पर कीमत (फीस) बहुत ज्यादा लेता हैं.