इन्सान को अकेले में भी खुश रहना चाहिए क्योंकि कद्दू जैसी शक्ल बनाने से भी कुछ नहीं होने वाला || “आज का ज्ञान”
अकेले तो हम भी पहले जी रहे थे, न जाने क्यों अकेले हो गए है तेरे जाने के बाद ||
प्यार करो तो सच्चा, वरना सिंगल ही अच्छा ||
एक आशिक़ ने मुझसे कहा सब्र का फल मीठा होता है, मैंने भी कह डाला Single रहो हर पल मीठा होता है ||
गलत Relationship से अच्छा है हम Single ही रहे ||
2018 अकेला था, 2019 अकेला हूँ, 2020 में भी अकेला रहूँगा || “समझे की नहीं?”
इन्सान को अकेले में भी खुश रहना चाहिए क्योंकि कद्दू जैसी शक्ल बनाने से भी कुछ नहीं होने वाला || “आज का ज्ञान”
अकेले तो हम भी पहले जी रहे थे, न जाने क्यों अकेले हो गए है तेरे जाने के बाद ||
प्यार करो तो सच्चा, वरना सिंगल ही अच्छा ||
एक आशिक़ ने मुझसे कहा सब्र का फल मीठा होता है, मैंने भी कह डाला Single रहो हर पल मीठा होता है ||
गलत Relationship से अच्छा है हम Single ही रहे ||
2018 अकेला था, 2019 अकेला हूँ, 2020 में भी अकेला रहूँगा || “समझे की नहीं?”