सस्ती चिलम और घटिया लोग शुरू-शुरू में बहुत मीठे लगते हैं. और बाद में ज़हर इसी लिए मैं सिंगल रहता हूँ ||
एक आशिक़ ने मुझसे कहा सब्र का फल मीठा होता है, मैंने भी कह डाला Single रहो हर पल मीठा होता है ||
प्यार करके भी Single रह गए हम वो आज भी हमको याद आते हैं ||
Single इसलिए हैं हम क्योकि हमे तारीफ से ज्यादा हमें गालिया आती हैं …|| “समझे”
गुण मिले तो गुरु बनाओ, चित्त मिले तो चेला, मन मिले तो मित्र बनाओं, वर्ना रहो अकेला ||
Single हूँ मतलब ये नहीं की, मेरा दिल नहीं है ||
सस्ती चिलम और घटिया लोग शुरू-शुरू में बहुत मीठे लगते हैं. और बाद में ज़हर इसी लिए मैं सिंगल रहता हूँ ||
एक आशिक़ ने मुझसे कहा सब्र का फल मीठा होता है, मैंने भी कह डाला Single रहो हर पल मीठा होता है ||
प्यार करके भी Single रह गए हम वो आज भी हमको याद आते हैं ||
Single इसलिए हैं हम क्योकि हमे तारीफ से ज्यादा हमें गालिया आती हैं …|| “समझे”
गुण मिले तो गुरु बनाओ, चित्त मिले तो चेला, मन मिले तो मित्र बनाओं, वर्ना रहो अकेला ||
Single हूँ मतलब ये नहीं की, मेरा दिल नहीं है ||