क्या इतने दूर निकल आये हैं हम, कि तेरे ख्यालों में भी नही आते ?
तुमसे गुस्सा होकर भी तुम्हे ही ढूंढा करता हूँ
सारी दुनिया के रूठ जाने से मुझे कोई दुख नहीं, बस एक तेरा खामोश रहना मुझे तकलीफ देता है
जब दो लोगो के बीच में तीसरा इंसान आ जाता है तो दूरियां अपने आप बढ़ जाती है
किसी को इतना IGNORE मत करो की वह तुम्हारे बिना जीना सिख जाए
शर्मिंदा करते हो रोज, हाल हमारा पूँछ कर, हाल हमारा वही है जो तुमने बना रखा है…
क्या इतने दूर निकल आये हैं हम, कि तेरे ख्यालों में भी नही आते ?
तुमसे गुस्सा होकर भी तुम्हे ही ढूंढा करता हूँ
सारी दुनिया के रूठ जाने से मुझे कोई दुख नहीं, बस एक तेरा खामोश रहना मुझे तकलीफ देता है
जब दो लोगो के बीच में तीसरा इंसान आ जाता है तो दूरियां अपने आप बढ़ जाती है
किसी को इतना IGNORE मत करो की वह तुम्हारे बिना जीना सिख जाए
शर्मिंदा करते हो रोज, हाल हमारा पूँछ कर, हाल हमारा वही है जो तुमने बना रखा है…