सुन छोरी? मैं अकेला था अकेला रहूँगा समझी? “चल हवा आने दे”

सुन छोरी? मैं अकेला था अकेला रहूँगा समझी? “चल हवा आने दे”

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ख्वाब टूटे हैं मगर हौसले जिंदा है, हम वह है जहां मुश्किलें शर्मिंदा हैं

खुद से कभी नहीं हरा तो ये दुनिया क्या हरायेगी

जैसे तुम सोचते हो वैसे हम है नहीं और जैसे हम है वैसा तुम सोच भी नहीं सकते

तुम शरीफ मैं कमीना चल अब निकल जा मेरी प्यारी हसीना

रिश्तो को वक़्त और हालत बदल देते है अब तेरा ज़िकर होने पर हम बात बदल देते है

सच है जब इंसान की जरूरत बदल जाती है तो उसका बात करने का तरीका भी बदल जाता है

ख्वाब टूटे हैं मगर हौसले जिंदा है, हम वह है जहां मुश्किलें शर्मिंदा हैं

खुद से कभी नहीं हरा तो ये दुनिया क्या हरायेगी

जैसे तुम सोचते हो वैसे हम है नहीं और जैसे हम है वैसा तुम सोच भी नहीं सकते

तुम शरीफ मैं कमीना चल अब निकल जा मेरी प्यारी हसीना

रिश्तो को वक़्त और हालत बदल देते है अब तेरा ज़िकर होने पर हम बात बदल देते है

सच है जब इंसान की जरूरत बदल जाती है तो उसका बात करने का तरीका भी बदल जाता है