हम तो बुरे है साफ कहते है, पर तुम जैसो से तो ऊपर वाला बचाए
जिन्हे अपना समझा वो पीठ पीछे खंजर खोप रहे है बिचारे कुत्ते शेर के आगे भोंक रहे है
जब मतलब न हो तो बोलना तो दूर लोग देखना तक छोड़ देते है
आँख से गिरे आसू और नज़रो से गिरे लोग.. कभी नहीं उठा करते..
झुको केवल उतना ही जितना सही हो, बेवजह झुकना केबल दुसरो के अहम् को बढ़ावा देता है
कातिलों की महफ़िल में गुनेगार कौन है हमसे मत पूछिये ईमानदार कौन है
हम तो बुरे है साफ कहते है, पर तुम जैसो से तो ऊपर वाला बचाए
जिन्हे अपना समझा वो पीठ पीछे खंजर खोप रहे है बिचारे कुत्ते शेर के आगे भोंक रहे है
जब मतलब न हो तो बोलना तो दूर लोग देखना तक छोड़ देते है
आँख से गिरे आसू और नज़रो से गिरे लोग.. कभी नहीं उठा करते..
झुको केवल उतना ही जितना सही हो, बेवजह झुकना केबल दुसरो के अहम् को बढ़ावा देता है
कातिलों की महफ़िल में गुनेगार कौन है हमसे मत पूछिये ईमानदार कौन है