जो सुधर जाये वह हम नहीं और हमे कोई सुधार दे इतना किसी में दम नहीं
मुझसे नफरत ही करनी है तो इरादे मजबूत रखना.. जरा से भी चुके तो महोब्बत हो जायेगी
लोगो से डरना छोड़ दो, इज्जत ऊपरवाला देता है लोग नहीं.
सुनो किसी के पास तमीज का नंबर है सब कहते हैं तमीज से बात करो
माफ़ी गल्तियों की होती है ..धोखे की नहीं
मिज़ाज ठंडा रखिए जनाब गर्म तो हमें सिर्फ चाय पसंद है
जो सुधर जाये वह हम नहीं और हमे कोई सुधार दे इतना किसी में दम नहीं
मुझसे नफरत ही करनी है तो इरादे मजबूत रखना.. जरा से भी चुके तो महोब्बत हो जायेगी
लोगो से डरना छोड़ दो, इज्जत ऊपरवाला देता है लोग नहीं.
सुनो किसी के पास तमीज का नंबर है सब कहते हैं तमीज से बात करो
माफ़ी गल्तियों की होती है ..धोखे की नहीं
मिज़ाज ठंडा रखिए जनाब गर्म तो हमें सिर्फ चाय पसंद है