ख़्वाहिशों का कैदी हूँ, मुझे हकीक़तें सज़ा देती हैं!

ख़्वाहिशों का कैदी हूँ, मुझे हकीक़तें सज़ा देती हैं!

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सीने में जिगर रखना पड़ता है छोटे हाथ में घोडा रखने से हर कोई बस्ती का रघु नहीं बन जाता

मेरा तो एक ही उसूल है प्यार हद से ज्यादा और नफ़रत उससे भी ज्यादा

औकात में रखना था जिसे, गलती से दिल में रख लिया उसे |

जिंदगी को सफल बनाने के लिए बातों से नहीं, रातों से लड़ना पड़ता |

मेरी औकात देखने के लिए तेरी भी औकात होनी जरुरी है

हम बाते हालत के हिसाब से करते है

सीने में जिगर रखना पड़ता है छोटे हाथ में घोडा रखने से हर कोई बस्ती का रघु नहीं बन जाता

मेरा तो एक ही उसूल है प्यार हद से ज्यादा और नफ़रत उससे भी ज्यादा

औकात में रखना था जिसे, गलती से दिल में रख लिया उसे |

जिंदगी को सफल बनाने के लिए बातों से नहीं, रातों से लड़ना पड़ता |

मेरी औकात देखने के लिए तेरी भी औकात होनी जरुरी है

हम बाते हालत के हिसाब से करते है