चारो और देख लिया मैंने ना मुझे मेरा कोई दिखा ना मेरे जैसा कोई दिखा।

चारो और देख लिया मैंने ना मुझे मेरा कोई दिखा ना मेरे जैसा कोई दिखा।

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आज आयी है मेरी याद उसे ज़रूर फिर किसी ने उसे ठुकराया होगा.

बात ये नहीं थी, कुछ कहना था तुम्हें.. तकलीफ़ ये है, कि तुम ख़ामोश क्यूँ रहे..

रोता देखकर वो ये कह के चल दिए कि, रोता तो हर कोई है क्या हम सब के हो जाएँ

होने वाले ख़ुद ही अपने हो जाते हैं.. किसी को कहकर, अपना बनाया नही जाता..!!

सच को तमीज़ ही नहीं बात करने की, झूठ को देखो, कितना मीठा बोलता है....

जिनको साथ नहीं देना होता वो अक्सर रूठ जाया करते हैं

आज आयी है मेरी याद उसे ज़रूर फिर किसी ने उसे ठुकराया होगा.

बात ये नहीं थी, कुछ कहना था तुम्हें.. तकलीफ़ ये है, कि तुम ख़ामोश क्यूँ रहे..

रोता देखकर वो ये कह के चल दिए कि, रोता तो हर कोई है क्या हम सब के हो जाएँ

होने वाले ख़ुद ही अपने हो जाते हैं.. किसी को कहकर, अपना बनाया नही जाता..!!

सच को तमीज़ ही नहीं बात करने की, झूठ को देखो, कितना मीठा बोलता है....

जिनको साथ नहीं देना होता वो अक्सर रूठ जाया करते हैं