अकेली रात .. बोलती बहुत है लेकिन सुन वही सकता है जो खुद भी अकेला हो .
मेरी जेब मे जरा सा छेद क्या हो गया, सिक्को से ज्यादा तो रिश्ते गिर गए .
शर्मिंदा करते हो रोज, हाल हमारा पूँछ कर, हाल हमारा वही है जो तुमने बना रखा है…
कदर करना सिख लो क्योंकि.. ना ही ज़िंदगी वापिस आती है और ना ही लोग..
काश कि वो लौट आयें मुझसे यह कहने, कि तुम कौन होते हो मुझसे बिछड़ने वाले..!!!
कीमत दोनों की चुकनी पड़ती है, बोलने की भी और चुप रहने की भी ..!!
अकेली रात .. बोलती बहुत है लेकिन सुन वही सकता है जो खुद भी अकेला हो .
मेरी जेब मे जरा सा छेद क्या हो गया, सिक्को से ज्यादा तो रिश्ते गिर गए .
शर्मिंदा करते हो रोज, हाल हमारा पूँछ कर, हाल हमारा वही है जो तुमने बना रखा है…
कदर करना सिख लो क्योंकि.. ना ही ज़िंदगी वापिस आती है और ना ही लोग..
काश कि वो लौट आयें मुझसे यह कहने, कि तुम कौन होते हो मुझसे बिछड़ने वाले..!!!
कीमत दोनों की चुकनी पड़ती है, बोलने की भी और चुप रहने की भी ..!!